यूहन्ना 15:11 ये बातें मैंने तुमसे इसलिए कही हैं कि तुम्हें वह खुशी मिले जो मुझे मिली है और वह खुशी तुम्हें पूरी तरह मिले।
क्या प्रचार करना हमारे लिए एक बोझ है? बिलकुल नहीं! यीशु ने अंगूर की बेल की मिसाल देने के बाद कहा कि जब हम प्रचार करते हैं, तो हमें वह खुशी मिलती है जो उसे मिली थी।
यूहन्ना 15:5 मैं अंगूर की बेल हूँ और तुम डालियाँ हो। जो मेरे साथ एकता में रहता है और जिसके साथ मैं एकता में रहता हूँ, वह बहुत फल पैदा करता है।
मुझसे अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।ह कैसे? मिसाल में यीशु ने अपनी तुलना अंगूर की एक बेल से की और चेलों की तुलना डालियों से।डालियों को पानी और पोषक तत्त्व तभी मिलता है जब वे बेल से जुड़ी रहती हैं। उसी तरह, हमें खुशी तभी मिल सकती है जब हम यीशु के साथ एकता में रहते हैं और उसके नक्शेकदम पर नज़दीकी से चलते हैं। सच, परमेश्वर की मरज़ी पूरी करने में यीशु को जो खुशी मिली थी, वही खुशी हमें भी मिल सकती है।

यूहन्ना 4:34 यीशु ने उनसे कहा, “मेरा खाना यह है कि मैं अपने भेजनेवाले की मरज़ी पूरी करूँ और उसका काम पूरा करूँ।
1 पतरस 2:21 दरअसल, तुम्हें इसी राह पर चलने के लिए बुलाया गया है, क्योंकि मसीह ने भी तुम्हारी खातिर दुख उठाया और वह तुम्हारे लिए एक आदर्श छोड़ गया ताकि तुम उसके नक्शे-कदम पर नज़दीकी से चलो।
एक भाई जो 40 से भी ज़्यादा सालों से सेवा कर रहा है, कहता है, “जब भी मैं प्रचार में जाता हूँ, तो मैं खुश होकर लौटता हूँ। यह खुशी मेरे अंदर जोश भर देता है और मैं यहोवा की सेवा में लगे रह पाता हूँ।” वाकई, खुशी हममें प्रचार करते रहने का जोश भर देता है, फिर चाहे ज़्यादातर लोग हमारी न सुनें|फिर भी हमको रूकना नेहीं है लगातार प्रचार करना है |
मत्ती 5:10-12 सुखी हैं वे जो सही काम करने की वजह से ज़ुल्म सहते हैं क्योंकि स्वर्ग का राज उन्हीं का है। 11 सुखी हो तुम जब लोग तुम्हें मेरे चेले होने की वजह से बदनाम* करें, तुम पर ज़ुल्म ढाएँ और तुम्हारे बारे में तरह-तरह की झूठी और बुरी बातें कहें। 12 तब तुम मगन होना और खुशियाँ मनाना इसलिए कि स्वर्ग में तुम्हारे लिए बड़ा इनाम है। उन्होंने तुमसे पहले के भविष्यवक्ताओं पर भी इसी तरह ज़ुल्म ढाए थे।
लेकिन यीशु ने सिर्फ यह नहीं बताया कि उन्हें क्या काम करना है बल्कि यह भी बताया कि उन्हें क्यों वह काम करना है। उसने उन्हें प्रचार करते रहने की कुछ वजह बतायीं। यह क्यों ज़रूरी है कि हम उन वजहों को याद रखें? क्योंकि इससे हमारा इरादा मज़बूत होगा कि हम “सब राष्ट्रों को गवाही” देने का काम करते रहें।
मत्ती 12:13-14 मगर जो अंत तक धीरज धरेगा, वही उद्धार पाएगा। 14 और राज की इस खुशखबरी का सारे जगत में प्रचार किया जाएगा ताकि सब राष्ट्रों को गवाही दी जाए और इसके बाद अंत आ जाएगl
इस लेख में हम बाइबल में दी उन चार वजहों पर गौर करेंगे। हम यह भी देखेंगे कि यहोवा ने हमें कौन-से तोहफे दिए हैं जिनकी मदद से हम धीरज धरते हुए फल पैदा कर सकते हैं।
यदि आपने इस वचन से कूछ भी सीखा हो तोह कमेंट जरूर करे ताकी कोई और भी उतसाहित हो. आप सभी को हामारे प्रभु येशु मशीहा के जलाली नाम में आशीष मिले ! आमिन्
आप सबको
जय मशीह की
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