जीभ की तेज् धार

भजन 66:17
मैंने अपने मुँह से उसे पुकारा, अपनी जीभ से उसकी महिमा की।
भजन 34:13
तो फिर अपनी जीभ को बुराई करने से, अपने होंठों को छल की बातें कहने से रोको।
अय्यूब 20:12
अगर बुराई उसके मुँह को मीठी लगती है और वह उसे जीभ के नीचे दबा लेता है,
अय्यूब 5:15
वह उनकी जीभ की धार से लोगों को बचाता है, वह गरीबों को ताकतवरों के चंगुल से छुड़ाता है।
भजन 64:8
उनकी जीभ ही उनके गिरने की वजह बनेगी देखनेवाले सभी हैरत से सिर हिलाएँगे।
भजन 64:3
वे अपनी जीभ तलवार की तरह तेज़ करते हैं, कड़वे शब्दों के तीरों से निशाना साधते हैं
भजन 139:4
इससे पहले कि मेरी जीभ एक भी शब्द कहे, हे यहोवा, तू जान लेता है।
भजन 78:36
मगर उन्होंने मुँह से उसे धोखा देने की कोशिश की, अपनी जीभ से उससे झूठ बोला।
अय्यूब 29:10
बड़े-बड़े आदमी चुप हो जाते थे, उनकी जीभ तालू से चिपक जाती थी।
अय्यूब 34:3
जैसे जीभ से खाना चखा जाता है, वैसे ही कानों से बातों को परखा जाता है।
नीतिवचन 6:17
घमंड से चढ़ी आँखें, झूठ बोलनेवाली जीभ, बेगुनाहों का खून करनेवाले हाथ,
अय्यूब 12:11
जैसे जीभ से खाना चखा जाता है, वैसे ही क्या कानों से बातों को नहीं परखा जाता?
याकूब 3:8
मगर जीभ को कोई भी इंसान काबू में नहीं कर सकता। यह ऐसी खतरनाक और बेकाबू चीज़ है जो जानलेवा ज़हर से भरी है।
यिर्मयाह 23:31
यहोवा ऐलान करता है, “मैं इन भविष्यवक्‍ताओं को सज़ा दूँगा जिनकी जीभ कहती है, ‘परमेश्‍वर ने यह ऐलान किया है!’”
नीतिवचन 12:19
सच बोलनेवाले होंठ हमेशा कायम रहेंगे, मगर झूठ बोलनेवाली जीभ पल-भर की होती है।
अय्यूब 41:1
क्या तू मछली पकड़नेवाले काँटे से लिव्यातान को पकड़ सकता है? या उसकी जीभ को रस्सी से कस सकता है?
भजन 50:19
तू अपने मुँह से बुरी बातें फैलाता है, तेरी जीभ हमेशा छल की बातें कहती है।
भजन 35:28
तब मेरी जीभ तेरी नेकी का बखान करेगी और दिन-भर तेरी तारीफ करेगी।
भजन 119:103 तेरी बातें मेरी जीभ को मीठी लगती हैं, मेरे मुँह को शहद से भी मीठी

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